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मुंबई टेरर मॉड्यूल केस की जांच वाराणसी तक पहुंची, NEET एस्पिरेंट ATS के रडार पर, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त

 Reported By: Saket Rai Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Apr 16, 2026 06:33 am IST,  Updated : Apr 16, 2026 06:40 am IST

महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई से जुड़े एक आतंकी रेडिकलाइजेशन नेटवर्क के संबंधों के मामले में वाराणसी के एक NEET एस्पिरेंट से पूछताछ की है। साथ ही अधिकारियों ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

महाराष्ट्र ATS ने उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में मंगलवार को वाराणसी के एक घर पर तलाशी ली। मुंबई में दर्ज एक आतंकी कनेक्शन वाले रेडिकलाइजेशन मामले में 18 वर्षीय NEET एस्पिरेंट से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। एजेंसियों की टीम ने वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के हनुमान फाटक इलाके में स्थित एक डॉक्टर के घर पर यह जांच की, जहां अधिकारियों ने स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ के बेटे अबू बकर से पूछताछ की।

एक बड़े नेटवर्क का खुलासा

उस पर प्रतिबंधित पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े डिजिटल नेटवर्क से संबंध होने का आरोप है। अबू बकर के खिलाफ जांच की शुरुआत मुंबई के कंप्यूटर इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख की हालिया गिरफ्तारी के बाद हुई, जिसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। उसकी फॉरेंसिक जांच में एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

सोशल मीडिया पर सक्रिय था ग्रुप

ATS सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस एक संदिग्ध डिजिटल ट्रेल पर है, जो एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा है, जिसकी चरमपंथी गतिविधियों के लिए जांच की जा रही है। महाराष्ट्र एटीएस की जांच में सामने आया है कि युवक से जुड़ा एक अकाउंट इस ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था। जांच में यह भी पता चला कि गिरफ्तार आरोपी अयान शेख, बकर और विभिन्न राज्यों के कई अन्य युवक 'Islamic Politics' नाम के टेलीग्राम चैनल और कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में सक्रिय थे, जहां सरकार विरोधी और राष्ट्रविरोधी सामग्री साझा की जा रही थी।

आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए

एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, अबू बकर कई महीनों से इन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था, इस दौरान उसने कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो साझा किए और राज्य की संप्रभुता को निशाना बनाने वाली चर्चाओं में हिस्सा लिया।

कई दिनों की निगरानी पर था मोबाइल नंबर

छापेमारी से पहले मुंबई एटीएस ने अबू बकर के मोबाइल नंबर को कई दिनों तक निगरानी में रखा था, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसके कथित संबंधों, खासकर पाकिस्तान स्थित लोगों से संभावित लिंक का आकलन किया जा सके।

लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और प्रिंटर जब्त

कार्रवाई के दौरान घर अंदर से बंद पाया गया, जिसके बाद संयुक्त एटीएस टीमों ने परिसर की तलाशी ली और परिवार की पृष्ठभूमि तथा वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी आगे की जांच के लिए जुटाई। अधिकारियों ने बाद में एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक प्रिंटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अबू बकर को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उसे 22 अप्रैल को आगे की पूछताछ के लिए मुंबई एटीएस के सामने पेश होने का समन जारी किया गया है।

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